क्रिसमस की अनेकानेक मंगल कामनाएं
गुरुवार, दिसंबर 24, 2009
रविवार, दिसंबर 20, 2009
मौनव्रत
मौनव्रत का सर्वाधिक महत्त्व इसी में है की साधक अपनी चित्वृतियों को संयमित कर अपने लक्ष्य पर लगा दे ! वाणी का सायं रखना वरदान रूपों में सुखद होता है ! अत: हिन्दू धर्म व जैन धर्म में मौनव्रत की अनंत महिमा गाई गई है
शुक्रवार, दिसंबर 18, 2009
महात्मा बुध
बोध साहित्य के अनुसार बुध दरअसल बोधिसत्व नाम की आत्मा है , जिन्होंने सम्यक ज्ञान प्राप्त करने के लिए डेड सौ साल ज्यादा बार अलग अलग रूपों में जन्म लिया ! इनमें 28 बार बोधिसत्व को ज्ञान मिला ! सर्वश्रेष्ठ ज्ञान 28 वीं बार में सिद्धार्थ गौतम को मिला इसलिए इनेह सम्मास्सम बुध यानि सर्वश्रेष्ठ भी कहा जाता है ! शाक्य वंश में होने के कारण इन्हें शाक्य बुध भी कहते है !
जैसे हिन्दू धर्म में कल्कि अवतार की धरना है यानि कलियुग में विष्णु का एक और अवतार होगा उसी तरह बोधसत्व एक बार फिर अवतार लेंगे ऐसा बोध धर्म में माना जाता है ! बोधसत्व अगली बार मैत्रेय बोधिसत्व के रूप में आएंगे और मैत्रेय बुध बनकर भटकते हुए विश्व को एक बार फिर ज्ञान का प्रकाश देंगे !
जैसे हिन्दू धर्म में कल्कि अवतार की धरना है यानि कलियुग में विष्णु का एक और अवतार होगा उसी तरह बोधसत्व एक बार फिर अवतार लेंगे ऐसा बोध धर्म में माना जाता है ! बोधसत्व अगली बार मैत्रेय बोधिसत्व के रूप में आएंगे और मैत्रेय बुध बनकर भटकते हुए विश्व को एक बार फिर ज्ञान का प्रकाश देंगे !
बुधवार, दिसंबर 16, 2009
हिमाचल मित्र का शरद अंक 2009
हिमाचल मित्र का शरद अंक 2009 आज मिला! मुंबई से निकले वाली इस पत्रिका की रचनाएँ सदेव ही पाठकों को अपनी और खीच लेती है ! हिमाचल मित्र में हिमाचल से संबधित रचनाकारों की रचनाएँ तो पढने को मिलती ही हा साथ ही हिमाचली संस्कृति का अवलोकन भी हो पता है ! मुझे खास बात इस पत्रिका में जो अच्छी लगाती है वह है हिमाचली धाम का हर अंक में उलेख ! पाठक हिमाचल मित्र के साथ ही पहरी धाम का आनंद उठा सकते है !
साहित्य की हर विधा को हिमाचल मित्र में जगह मिलती है ! हिमाचल मित्र का हर अंक संग्रहणीय होता है !
शरद अंक में कुमार कृषण की कवितायेँ दी गई है वही रेखा से मधुकर भारती की बात चित भी है ये दोनों रचनाकार काव्य और कहानी के क्षेत्र के प्रतिष्ठित हस्ताक्षर है ! अशोक जेरथ जेसे लेखक की रचना हिमाचल मित्र में होना उसे सार्थक कर देता है ! हिमाचल मित्र का उलेख अपने ब्लॉग पर मैं इसलिए कर रहा हूँ की यह पत्रिका साहित्य में रूचि रखने वाले लोगों को ज़रूर पसंद आयेगी ! पत्रिका के पीछे अनूप सेठी सहित उनकी टीम की मेहनत साफ झलकती है ! हिमाचल मित्र की अपनी वेबसईट भी है जिसका पाठक लाभ उठा सकते हैं ! जबकि ईमेल पर भी पाठक अपनी रूचि हिमाचल मित्र को बता सकते है !
हिमाचल मित्र के फोन नम्बर्स है 09869244269 और 09820696684
हिमाचल मित्र का सम्पादकीय पता है
डी 46 / 16 साईं संगम,
सेक्टर 48 नेरुल
नवी मुंबई 400706
रविवार, दिसंबर 13, 2009
धुम्रपान
धुम्रपान करने वाले अपने नजदीकियों को भी केंसर देते है ! गत वर्ष कुल छ हज़ार केंसर पीड़ितों में से 48 प्रतिशत ऐसे थे जो धुम्रपान नहीं करते थे ! यह आकडा इस साल अक्तूबर तक 8 प्रतिशत और बढ़ गया है ! लगातार धुम्रपान से पींठ के निचले भाग में दर्द की आशंका बढ़ जाती है !
सदस्यता लें
संदेश (Atom)













