सेव द अर्थ नमक अंतर्राष्ट्रीय संस्था का आकलन है की जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाले वर्षों में संसार भर के लगभग 2 करोड़ 5 लाख बच्चे किसी ने किसी रूप में प्रभावित होंगे ! अगर प्रयावरण को सुधार नहीं गया तो २०३० तक यह आंकड़ा चार लाख तक पहुँच जायेगा ! जलवायु को बचने की पहल बेहद ज़रूरी है ! ताकि हमारा कल सुरक्षित रहे !
सयुंक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है की जलवायु का दुष्प्रभाव विकासशील देशों की महिलाओं पर अधिक पड़ेगा ! वर्ष २१०० तक धरती के तापमान के छ डिग्री तक बढने की आशंका है जिससे दक्षिण ध्रुव की बर्फ पिघलेगी वस्तुता प्राकृतिक कामों से अधिक जुडी होने के कारण महिलाएं इससे प्रभावित होंगी
शनिवार, दिसंबर 05, 2009
बुधवार, दिसंबर 02, 2009
शराब से केंसर का खतरा
कनाडाई शोधकर्ताओं के अनुसार बीयर और शराब के अधिक सेवन से केंसर का खतरा बढ़ जाता है ! विश्वविद्यालय के शोध के अनुसार अधिक सेवन से आहार की नाली के केंसर की आशंका सात गुना तक बढ जाती है !जयादा शराब पिने से अंत का केंसर की आशंका असी प्रतिशत तथा लंग केंसर का खतरा पचास प्रतिशत तक बढ़ जाता है ! रोजाना बीयर और शराब का सेवन से छ तरह के केंसर की आशंका रहती है ! जिसमे सबसे ज्यादा खतरा नाल केंसर और लीवर केंसर का रहता है !
शुक्रवार, नवंबर 27, 2009
नियमित व्यायाम
एक ताज़ा अनुसन्धान के अनुसार चालीस साल की आयु के बाद कमज़ोर हो रही मांसपेशियों तथा शारीर पर जमने वाली चर्बी को दूर करने के लिए सुबह टहलना नियमित व्यायाम करना और साईकिल चलाना एक बेहतर तरीका है ! इससे न मात्र शरीर चुस्त रहता है साथ ही डायबिटीज़ उच्च रक्त चाप तथा कैंसर जेसे रोगों से भी बचाव होता है !
शनिवार, नवंबर 21, 2009
मधुर नेगी का अद्मय साहस
प्रतिकूल परिस्थियों में यदि मनुष्य साहस से कम ले तो उसकी विजय अवश्य संभव है ! साहस के कारण ही किसी भी जंग को जीता जा सकता है ! ऐसा ही साहस दिखाया इस 6 वर्षीय बालक मधुर नेगी ने जब उनका वाहन हिमाचल प्रदेश के नारकंडा के समीप सरानाला के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गया ! घनघोर जंगल गहरी काली रात और ऊपर से बारिश व हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में दो नन्हे हाथ साहयता के लिए उठे हुए ! ऐसे में एक गाड़ी आ कर रुकी सभी बच्चे की हिमंत पर हैरान , 6 वर्षीय खून से लथपथ नन्हे मधुर नेगी ने गुहार लगाई, मेरे पापा की गाड़ी नीचे गिर गई है उन्हें बचा लो ! सुनने वाले सकते में आ गए और फिर हुआ बचाव का काम ! एक मासूम ने अपने पिता को मौत से बचा लिया !
यह घटना पिछले सप्ताह की है जब एक वाहन हिमाचल प्रदेश के नारकंडा बाघी मार्ग पर सरानाला के समीप दुर्घटना में तीन पुश्तों दादी, बहु और पोता का जीवन खामोश हो गया ! मधुर नेगी अपने पिता किशन नेगी, माता नीरज ,दादी शिव दासी और अपने बड़े भाई के साथ नारकंडा से बाघी की ओर जा रहे थे की बारिश और गहरी धुंध के करण उनकी कार सरानाला में दुर्घटना ग्रस्त हो गई !
मधुर नेगी गाड़ी का शीशा टूटने से छिटक कर करीब 50 फूट निचे जा गिरा जबकि अन्य चार लोग गहरी खाई में समां गए! चोटिल होने के बावजूद मधुर ने हिमंत नहीं हारी और रात के लगभग साढ़े आठ बजे अँधेरे, कोहरे , तथा ठण्ड की परवाह किये बिना ही झाड़ियों से उलझते हुए मुख्य मार्ग पर आ कर सहयता के लिए पुकारने लगा तभी नारकंडा की ओर से आ रही गाड़ी में सवार लोगो ने बच्चे को साथ ले कर पुलिस और गाँव के लोगों को इस दुर्घटना की सूचना दी ! मधुर नेगी की इस बहादुरी के कारण ही बचाव कार्य जल्दी शुरू हो पाया ! मधुर के पापा किशन नेगी हिमाचल शिक्षा विभाग में कार्यरत है जबकि माता भी शिक्षा विभाग में ही कार्यरत थी ! मधुर के मामा सेन्य सेवा में कार्यरत है !मधुर नेगी के इस अद्मय साहस को सलाम !
यह घटना पिछले सप्ताह की है जब एक वाहन हिमाचल प्रदेश के नारकंडा बाघी मार्ग पर सरानाला के समीप दुर्घटना में तीन पुश्तों दादी, बहु और पोता का जीवन खामोश हो गया ! मधुर नेगी अपने पिता किशन नेगी, माता नीरज ,दादी शिव दासी और अपने बड़े भाई के साथ नारकंडा से बाघी की ओर जा रहे थे की बारिश और गहरी धुंध के करण उनकी कार सरानाला में दुर्घटना ग्रस्त हो गई !
मधुर नेगी गाड़ी का शीशा टूटने से छिटक कर करीब 50 फूट निचे जा गिरा जबकि अन्य चार लोग गहरी खाई में समां गए! चोटिल होने के बावजूद मधुर ने हिमंत नहीं हारी और रात के लगभग साढ़े आठ बजे अँधेरे, कोहरे , तथा ठण्ड की परवाह किये बिना ही झाड़ियों से उलझते हुए मुख्य मार्ग पर आ कर सहयता के लिए पुकारने लगा तभी नारकंडा की ओर से आ रही गाड़ी में सवार लोगो ने बच्चे को साथ ले कर पुलिस और गाँव के लोगों को इस दुर्घटना की सूचना दी ! मधुर नेगी की इस बहादुरी के कारण ही बचाव कार्य जल्दी शुरू हो पाया ! मधुर के पापा किशन नेगी हिमाचल शिक्षा विभाग में कार्यरत है जबकि माता भी शिक्षा विभाग में ही कार्यरत थी ! मधुर के मामा सेन्य सेवा में कार्यरत है !मधुर नेगी के इस अद्मय साहस को सलाम !
रविवार, नवंबर 08, 2009
भ्रतरी हरी शतक
यदि करील के वृक्ष में पता नहीं लगता तो इसमें बसंत का क्या दोष ? यदि उल्लू दिन में देख नहीं पता तो इसमें सूर्य का क्या दोष ? इसी प्रकार यदि पपीहे के मुख में वर्षा कि जलधारा नहीं गिरती तो इसमें बादल का क्या दोष ? ब्रह्मा ने जन्म के समय जिसके ललाट में जो लिख दिया उसे मिटने में कौन समर्थ है ?
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