google.com, pub-7517185034865267, DIRECT, f08c47fec0942fa0 आधारशिला : बदल गया मौसम

Friday, April 04, 2025

बुधवार, सितंबर 14, 2022

बदल गया मौसम

 बदल गया मौसम बदल गए हम*,

ये कहां से कहां निकल गए हम।


जमाने का क्या कहता है बहुत कुछ,

आपकी सोहबत में सम्भल गए है हम।


वही है हम और वहीं हैं ठहरे हुए,

अफवाह है कि फिसल गए है हम।


दावा की बेहतर हम हमी से है दुनिया,

और कुछ नहीं बस मर गए है हम। 


मज़हब है हौड़ है या कुछ और विक्षिप्त,

इतना आगे पहुँच कर  पिछड़ गए है हम। 


------------ 


*Vidya Chhabra  जी की पुस्तक का शीर्षक । प्रयोग की अनुमति दी आभार।

0 Reviews:

एक टिप्पणी भेजें

" आधारशिला " के पाठक और टिप्पणीकार के रूप में आपका स्वागत है ! आपके सुझाव और स्नेहाशिर्वाद से मुझे प्रोत्साहन मिलता है ! एक बार पुन: आपका आभार !

 
ब्लोगवाणी ! INDIBLOGGER ! BLOGCATALOG ! हिंदी लोक ! NetworkedBlogs ! हिमधारा ! ऐसी वाणी बोलिए ! ब्लोगर्स ट्रिक्स !

© : आधारशिला ! THEME: Revolution Two Church theme BY : Brian Gardner Blog Skins ! POWERED BY : blogger