शुक्रवार, दिसंबर 10, 2010
आभार, जगदीश बाली जी
आजकल पारिवारिक व्यस्तता के कारण अपने ब्लोग पर लेखन कम हो पा रहा है। आज यह सोच कर ब्लोग पर आया की कल दूसरा शनिवार है और कार्यालय में अवकाश रहेगा सुबह जल्दी ना भी उठा तो कोई समस्या नहीं। अपने ब्लोग पर पहुंचते ही टिप्पणीयां देखी तो जगदीश बाली जी आभार युक्त टिप्पणी पाई। बाली जी ने एक वर्ष पूर्व ब्लोगिंग शुरू की थी। उनका ब्लाग तैयार करने और प्रारम्भिक जानकारी देने में ही मैंने आंशिक सहायता की थी और आज उनका आभार मिला तो अच्छा लगा। जगदीश जी ब्लोग पर सक्रिय है यह मुझे सुखद आभास देता है काफी मित्रों के ब्लोग पिछले दो तीन वर्षो में बनाए है उनमें कुछ ही सक्रिय है। कुछ कभी कभार सम्पर्क कर लेते है अधिकतर भूल गए है। ऐसे वातावरण में बाली जी ने याद किया यह बेहद सुखद लगा। बाली जी ब्लोगिंग की वर्षगांठ पर आपको बधाई और भविष्य के लिए आपको अनेकानेक मंगलकामनायें। बाली जी के दो ब्लोग है हिन्दी में क्षितिज और अंग्रेजी में Delving Deep into Eternity
शनिवार, नवंबर 27, 2010
बमबज़र पर बातचीत
कल सांय बमबज़र पर समीरजी बलाल जी सलील जी और गिरीश जी की लाईब बातचीत से लाभान्वित हुआ । यह एक सराहनीय प्रयास है। गिरीश जी आप बधाई के पात्र है कि आपने इतनी सुन्दर बातचीत आयोजित की। कृपया नये लोगो को भी मार्गदर्शन करे की इस तरह की बातचीत में किस प्रकार से जुड़ा जा सकता है। आगामी प्रसारण की अग्रिम सूचना देंगे तो आभारी रहूंगा। पुन आप सभों का आभार।
गुरुवार, नवंबर 18, 2010
आज के लिये इतना ही
इस ब्लोग पर काफ़ी समय से मात्र एक प्रारम्भिक रचना अखर रही थी सोचा कुछ लिखा जाये! क्या लिखा जाये यही सोचता रहा! अन्ततः ब्लोगिग कैसे शुरु की इस पर ही कुछ लिखा जाये! आस पास ब्लोगिग का वातावरण नहीं था! लोगों के ब्लोग देखता पढता! आपना ब्लोग कब और कैसे शुरु किया जाये कुछ मालूम नहीं! अध्यापन से जुडा होने के कारण संघ का ब्लोग बना हुआ था! संघ की सभी सूचनायें इसी पर मिलती थी! तो प्रधान जी से पूछा की कैसे ब्लोग बनाया जाये! उन्होने पूरी जानकारी दी! और अपने स्कूल का ब्लोग बना डाला! साहित्यिक अभिरुचि होने के कारण आपना ब्लोग भी बना दिया! ब्लोगिग की पहली कक्षा मे प्रवेश तो हो गया! अब अध्यय्न शुरू किया गया! गूगल पर जा कर टाईप किया ब्लोगिग हिन्दी टिप्स तो जो मिला वो प्यासे को पानी की तरह था वह ब्लोग था अशीष खाण्डेलवाल जी का! पढना शुरु किया तो ब्लोगिग की वास्तविक शिक्षा शुरु हो गई! हिन्दी टिप्स से वो सभी कुछ सिखा जो मैं आज थोडा कुछ कर पाता हूं! धन्यवाद टिप्स यात्रा ! चलती रही और अनेक ब्लोग पढता गया ! इसमें मै अपने ब्लोग पर रचनाये कम ही दे पाया परन्तु मुझे ब्लोगिग की शिक्षा मिलती चली गई! यह सिलसिला अभी भी जारी है! यह ब्लोग वाणी बनाने के पीछे कारण था की हिन्दी के अच्छे और प्रेरणादायक , साहित्यिक शैक्षिक ब्लोग पर लिखा जाये परन्तु जब अन्तर्जाल पर विचरण करता रहा तो पाया की ऐसे ब्लोग तो पहले से ही बने है और उन पर अच्छी जानकारी उपलब्ध है तो मैं एक नया ब्लोग बना कर क्या करुगा! सोचा डिलीट कर दिया जाये ! तो सरिता जी की एक टिप्पणी पर नज़र पडी तो विचार त्याग कर कुछ लिखने का मन बन लिया! यह ब्लोग मेरे एक मित्र ने बनाया था मज़ाक मज़ाक में, मज़ाक मज़ाक में स्वागत भी हो गया और ये कथा भी लिख दी! किसी ने बताया कि इन्टरनेट से आमदनी भी हो सकती है! और मैं कहां पहुच गया यह अगली बार! खैर आज के लिये इतना ही फ़िर मिलता हूं एक नये ब्लोग की चर्चा के साथ जिसने मुझे प्रेरित किया!
आज के लिये इतना ही
इस ब्लोग पर काफ़ी समय से मात्र एक प्रारम्भिक रचना अखर रही थी सोचा कुछ लिखा जाये! क्या लिखा जाये यही सोचता रहा! अन्ततः ब्लोगिग कैसे शुरु की इस पर ही कुछ लिखा जाये! आस पास ब्लोगिग का वातावरण नहीं था! लोगों के ब्लोग देखता पढता! आपना ब्लोग कब और कैसे शुरु किया जाये कुछ मालूम नहीं! अध्यापन से जुडा होने के कारण संघ का ब्लोग बना हुआ था! संघ की सभी सूचनायें इसी पर मिलती थी! तो प्रधान जी से पूछा की कैसे ब्लोग बनाया जाये! उन्होने पूरी जानकारी दी! और अपने स्कूल का ब्लोग बना डाला! साहित्यिक अभिरुचि होने के कारण आपना ब्लोग भी बना दिया! ब्लोगिग की पहली कक्षा मे प्रवेश तो हो गया! अब अध्यय्न शुरू किया गया! गूगल पर जा कर टाईप किया ब्लोगिग हिन्दी टिप्स तो जो मिला वो प्यासे को पानी की तरह था वह ब्लोग था अशीष खाण्डेलवाल जी का! पढना शुरु किया तो ब्लोगिग की वास्तविक शिक्षा शुरु हो गई! हिन्दी टिप्स से वो सभी कुछ सिखा जो मैं आज थोडा कुछ कर पाता हूं! धन्यवाद टिप्स यात्रा ! चलती रही और अनेक ब्लोग पढता गया ! इसमें मै अपने ब्लोग पर रचनाये कम ही दे पाया परन्तु मुझे ब्लोगिग की शिक्षा मिलती चली गई! यह सिलसिला अभी भी जारी है! यह ब्लोग वाणी बनाने के पीछे कारण था की हिन्दी के अच्छे और प्रेरणादायक , साहित्यिक शैक्षिक ब्लोग पर लिखा जाये परन्तु जब अन्तर्जाल पर विचरण करता रहा तो पाया की ऐसे ब्लोग तो पहले से ही बने है और उन पर अच्छी जानकारी उपलब्ध है तो मैं एक नया ब्लोग बना कर क्या करुगा! सोचा डिलीट कर दिया जाये ! तो सरिता जी की एक टिप्पणी पर नज़र पडी तो विचार त्याग कर कुछ लिखने का मन बन लिया! यह ब्लोग मेरे एक मित्र ने बनाया था मज़ाक मज़ाक में, मज़ाक मज़ाक में स्वागत भी हो गया और ये कथा भी लिख दी! किसी ने बताया कि इन्टरनेट से आमदनी भी हो सकती है! और मैं कहां पहुच गया यह अगली बार! खैर आज के लिये इतना ही फ़िर मिलता हूं एक नये ब्लोग की चर्चा के साथ जिसने मुझे प्रेरित किया!
सोमवार, नवंबर 15, 2010
भारत का हिंदी लघु कथा संसार
लघुकथा वर्तमान में साहित्य में एक सशक्त विधा के रूप में स्थापित है! आम पाठक की रूचि लघुकथाओ में बनी है ! लघु कथाओं को लेकर कई पुस्तके बाज़ार में आ रही है ! मुझे स्वयं लघुकथाओं में रूचि है तो इससे जुढ़ी पुस्तके पढ़ता रहता हू ! इस मध्य डा० राम कुमार घोटड की पुस्तक भारत का हिंदी लघुकथा संसार आई है जिसमे १२ राज्यों के लघुकथा लेखन पर प्रकाश डाला गया है ! डॉ० घोटड एम् बी बी एस , एम् एस है और आज कल राजस्थान चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत है ! इस पुस्तक में राजस्थान डा० राम कुमार घोटड, बिहार -सतीशराज पुष्करणा- रामयतन प्रसाद यादव , मध्य प्रदेश -मालती बसंत , हरियाणा - प्रो रूप देवगुण , उत्तर प्रदेश - रामेश्वर कम्बोज हिमांशु , दिल्ली - हरनाम शर्मा , झारखण्ड-डा अमर नाथ चौधरी अब्ज , छतीसगढ़ -डा राजेंदर सोनी , हिमाचल प्रदेश- रतन चंद रत्नेश , पंजाब- श्याम सुन्दर अगरवाल , गुजरात- प्रो मुकेश रावल और महाराष्ट्र- डा० राम कुमार घोटड ने इन राज्यों में लघुकथा लेखन पर प्रकाश डाला है ! इसके अलावा हिंदी लघुकथा के इतिहास पर महत्त्व पूर्ण आलेख है ! इस पुस्तक की विशेषता है की इसमे उन ४३ लोगो के नाम दिए गए है जिन्होंने हिंदी लघुकथाओ पर पी एच डी और एम् फिल की उपाधि प्राप्त की है ! १६३ पृष्ठों की यह पुस्तक पाठको के लिए बेहद ही लाभप्रद है ! साहित्यागार , जयपुर द्वारा प्रकशित इस पुस्तक की छपाई सुन्दर है तथा मुद्रण में गलतिया नहीं है ! पुस्तक प्राप्त करने वाले इच्छुक डा० राम कुमार घोटड से सादलपुर ( राजगढ़ ), जिला चुरू राजस्थान ३३१०२३ फोन ०१५५९ २२४१०० निवास मोबाइल ०९४१४०८६८०० पर संपर्क कर सकते है !
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